पाकिस्तान के समाचारपत्र डान न्यूज़ का कहना है कि यह पंद्रह सदस्य देशों की बंद कमरे में यह बैठक विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के निवेदन पर आयोजित हुई। बैठक के बाद क़ुरैशी ने एक ट्वीट में कहा कि सुरक्षा परिषद में एक साल में होने वाली यह तीसरी बैठक भारत के इस दावे को पूरी तरह ख़ारिज कर देती है कि कश्मीर उसका आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा है कि बैठक ने निष्पक्ष मतदान के माध्यम से कश्मीरियों के स्वाधीनता के अधिकार की पुष्टि की है।
उधर संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के स्थायी प्रतिनिधि त्रिमूर्ति ने एक ट्वीट करके कहा है कि पाकिस्तान का एक और प्रयास विफल रहा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आज की बैठक बंद कमरे में हुई थी, अनौपचारिक थी, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया और इसका कोई परिणाम नहीं निकला। उन्होंने कहा कि लगभग सभी देशों ने माना कि जम्मू-कश्मीर एक द्विपक्षीय मसला है और सुरक्षा परिषद के समय और ध्यान का हक़दार नहीं है।